पाठशाला
श्री दिगंबर जैनाचार्य विद्यासागर पाठशाला
दिनांक 2 अक्तूबर 2005 को मंदिर प्रांगण में आर्यिका 105 श्री पूर्णमति माताजी के सानिध्य एवं आशीर्वाद से विद्यासागर पाठशाला की स्थापना की गयी । जिससे जैन समाज में धर्म के प्रति बच्चों में जागरूकता एवं संस्क़ार निरूपित करने हेतु सुचारु व्यवस्था हो सके । श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर और महासमिति द्वारा संचालित कोर्स दोनों का ही अध्ययन कराया जाता है । पाठशाला का ग्रीष्मकालीन समय संध्या – 7:00 से 8:00 एवं शीतकालीन समय संध्या- 6:30 से 7:15 बजे का है । इस कार्य हेतु पाठशाला द्वारा कोई भी शुल्क नही लिया जाता है ।
पाठशाला में बच्चों को लाने ले जाने के लिए E- रिक्शा की सुविधा उपलब्ध है।



